-
494
छात्र -
465
छात्राएं -
34
कर्मचारीशैक्षिक: 30
गैर-शैक्षिक: 4
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय राजगढ़ वर्ष 1986 में खोला गया था। उच्चतम कक्षा बारहवीं
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
"दिमाग को सशक्त बनाने, दिलों को पोषित करने और जीवन को बदलने के लिए।" हमारे संस्थान में
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
"जिज्ञासु दिमाग, दयालु हृदय और साहसी आत्माओं को विकसित करना।" हमारा मिशन एक
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्रीमती शाहिदा परवीन
उप आयुक्त
प्रिय विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं समस्त केंद्रीय विद्यालय परिवार, सप्रेम नमस्कार। केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग की वेबसाइट पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। यह प्लेटफ़ॉर्म न केवल सूचना और संसाधनों का केंद्र है, अपितु यह हमारे साझा शैक्षिक दृष्टिकोण, मूल्यों और प्रयासों का प्रतिबिंब भी है। मुझे यह संदेश साझा करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग, केविसं (मु०) नई दिल्ली के दिशा-निर्देशन मेंनिरंतर राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के उच्चतम मानदंडों को स्थापित करने के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। भारत जैसे विविधता-सम्पन्न देश में शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं है, यह सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों, और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना का संवाहक भी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना 1963 में भारत सरकार द्वारा इस उद्देश्य से की गई थी कि सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, केंद्रीय कर्मचारियों और अन्य स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सतत और एकसमान शिक्षा प्रदान की जा सके। आज KVS न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी शिक्षा की एक सशक्त शृंखला बन चुका है, जिसमें लाखों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और हजारों शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन के मूल्य सिखा रहे हैं। हमारे देश की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन का आह्वान करती है। यह केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात नहीं करती, बल्कि यह समावेशी, बहु-विषयक, और छात्र-केंद्रित शिक्षा की बात करती है। KVS ने NEP 2020 के मार्गदर्शक सिद्धांतों को अपनाते हुए कई महत्त्वपूर्ण पहलें प्रारंभ की हैं: • Foundational Literacy and Numeracy (FLN) को प्राथमिक कक्षाओं में लागू करना। • बहु-भाषिकताको प्रोत्साहन देना। • कला एकीकरण (Art Integration) औरखेल आधारित शिक्षा (Sports Integration) को कक्षा शिक्षण में समाहित करना। 21वीं सदी के कौशलजैसे कि आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान, रचनात्मकता और डिजिटल साक्षरता पर बल देना। ये सभी प्रयास विद्यार्थियों को न केवल परीक्षा के लिए, बल्कि जीवन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। हमारे कार्यरत शिक्षकगण न केवल ज्ञान के दाता हैं, बल्कि वे एक संरक्षक, मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका भी निभाते हैं। एक शिक्षक की भूमिका अब केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है। वे विद्यार्थियों में जिज्ञासा उत्पन्न करते हैं, उन्हें आत्म-शिक्षण के लिए प्रेरित करते हैं, और एक उत्तरदायी नागरिक के रूप में ढालते हैं। हमारे शिक्षकगण निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और नवाचारों के माध्यम से अपने शिक्षण को अद्यतन और प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें गर्व है कि हमारे विद्यालयों में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर समर्पित रहते हैं। KVS के विद्यार्थी पूरे देश में अपनी योग्यता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के लिए पहचाने जाते हैं। विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन, विज्ञान, खेल, कला, और संस्कृति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ, तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर KVS के छात्रों की उपस्थिति हमें गर्व से भर देती है। हमारा प्रयास है कि हर विद्यार्थी की विशेषताओं और रुचियों को समझते हुए उन्हें उस दिशा में अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकें। विद्यालयों में अब केवल किताबी ज्ञान पर ज़ोर नहीं, बल्किसमग्र विकास (Holistic Development) को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान युग डिजिटल क्रांति का युग है। शिक्षा भी इससे अछूती नहीं रही है। विशेष रूप से COVID-19 महामारी के दौरान, KVS ने तकनीक को अपनाते हुए ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल की। हमने ई-कंटेंट, वर्चुअल क्लासरूम्स, शिक्षकों द्वारा बनाए गए डिजिटल संसाधन, और स्वयं पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म्स को प्रभावी रूप से अपनाया। भविष्य में भी हम तकनीक के माध्यम से शिक्षण और अधिगम को और अधिक रोचक, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमारे विद्यालयों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ATL (Atal Tinkering Labs), Coding Clubs, Robotics Workshops जैसी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। KVS प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को अत्यंत महत्त्व देता है। विद्यालय प्रबंधन समितियों में अभिभावकों की भागीदारी, विद्यालय स्तर पर खुली बैठकों का आयोजन, और अभिप्राय संग्रहण की प्रक्रिया हमें हमारी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है। हम अभिभावकों से अनुरोध करते हैं कि वे विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भाग लें, शिक्षकों से संवाद बनाए रखें और अपने बच्चों को सकारात्मक वातावरण प्रदान करें। KVS का लक्ष्य न केवल अकादमिक उत्कृष्टता है, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है जो: • विद्यार्थियों कोवैश्विक नागरिकबनाए, • उनमेंसंवेदनशीलता और सहानुभूतिका भाव विकसित करे, • उन्हेंनवाचार और उद्यमिताकी ओर प्रेरित करे, • तथाभारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासतको आत्मसात करते हुए आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाए। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे विद्यालय “ज्ञान, चरित्र और सेवा”के त्रिसूत्रीय मंत्र को आत्मसात करें और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें जो शिक्षित, सशक्त और समृद्ध हो। अंत में, मैं सभी विद्यार्थियों को यह संदेश देना चाहती हूँ कि अपने सपनों को साकार करने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और आत्म-विश्वास को अपना साथी बनाइए। हर चुनौती आपके लिए एक अवसर है, और हर असफलता सीखने की एक सीढ़ी। शिक्षकों से अपेक्षा करती हूँ कि वे विद्यार्थियों के जीवन को मूल्यवान और अर्थपूर्ण बनाने में अपनी भूमिका को दृढ़ता से निभाएँ। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे विद्यालय के साथ मिलकर एक सशक्त भविष्य निर्माण में सहयोग करें। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे शैक्षिक वातावरण का निर्माण करें जहाँ प्रत्येक विद्यार्थीस्वाभिमानी, सक्षम और संवेदनशील नागरिकबनकर राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दे सके। धन्यवाद। (शाहिदा परवीन) उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन भोपाल संभाग
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रोमा सांखला
प्राचार्य
शिक्षा सबसे शक्तिशाली अस्त्र है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं। - नेल्सन मंडेला प्रिय अभिभावक एवं विद्यार्थी गण मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि मैं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय राजगढ़ में आप सभी का स्वागत करती हूँ, एक ऐसी जगह जहाँ हम जिज्ञासा का दीप जलाने, सीखने के प्रति लगाव पैदा करने और भविष्य के नेतृत्व का पोषण करने का प्रयास करते हैं। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय राजगढ़ में, हम ऐसा वातावरण प्रदान करने में विश्वास करते हैं जो न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देता है बल्कि व्यक्तिगत विकास, चरित्र निर्माण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी बढ़ावा देता है। हमारे समर्पित प्रबुद्ध शिक्षक गण और सहकर्मी कक्षा के अंदर और बाहर दोनों जगह प्रत्येक विद्यार्थी को सफलता के लिए मार्गदर्शन और निर्देशन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जैसा कि नेल्सन मंडेला ने एक बार कहा था, "शिक्षा सबसे शक्तिशाली अस्त्र है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं।" इसे ध्यान में रखते हुए, हम अपने विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और मूल्यों से सुसज्जित करने के लिए समर्पित हैं, जिनकी उन्हें बदलती दुनिया में अपने आप को स्थापित करने के लिए और जहाँ भी वे जाते हैं, सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए हमेशा आवश्यकता होती है। मैं आपको इस समृद्ध और संतुष्टिदायक यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करती हूँ, क्योंकि हमें अपने समाज के भावी नेतृत्व और युग निर्माताओं को आकार देने के लिए मिलकर काम करना हैं। हार्दिक शुभकामनाएं, श्रीमती रोमा सांखला प्राचार्य, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय राजगढ़
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शैक्षणिक योजनाकार
शैक्षणिक योजना (जिसे शैक्षिक मास्टर प्लानिंग के रूप में भी जाना जाता है) समग्र शैक्षणिक लक्ष्यों की रूपरेखा तैयार
शैक्षिक परिणाम
शैक्षणिक उपलब्धि या शैक्षणिक प्रदर्शन वह सीमा है जिस तक किसी छात्र, शिक्षक या संस्थान ने अपने अल्पकालिक
बाल वाटिका
केंद्रीय विद्यालय संगठन (केविएस) ने बालवाटिका को प्रीस्कूल शिक्षा के रूप में शुरू किया है। केविएस ने 2024-25 में
निपुण लक्ष्य
निपुण भारत मिशन या राष्ट्रीय पहल पढ़ने में प्रवीणता के लिए समझ और संख्यात्मकता के साथ शुरू की गई है
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
केंद्रीय विद्यालय संगठन (केविएस) में शैक्षणिक नुकसान की भरपाई कार्यक्रम का उद्देश्य उन छात्रों द्वारा सामना किए
अध्ययन सामग्री
अध्ययन सामग्री शिक्षण और सीखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यशालाएं और प्रशिक्षण
केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) विभिन्न कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के
विद्यार्थी परिषद
विद्यार्थी परिषद (जिसे छात्र संघ, संबद्ध छात्र निकाय या छात्र संसद के रूप में भी
अपने स्कूल को जानें
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय राजगढ़ की स्थापना वर्ष 1986 में हुई थी। सर्वोच्च
अटल टिंकरिंग लैब
नीति आयोग ने अपने प्रमुख कार्यक्रम अटल इनोवेशन मिशन के हिस्से के रूप
डिजिटल भाषा लैब
केंद्रीय विद्यालय संगठन (केविएस) ने छात्रों में भाषा सीखने को बढ़ावा देने के
आईसीटी– ई-क्लासरूम और लैब
आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर में हमने अलग-अलग कक्षाओं, लैब और लाइब्रेरी में
पुस्तकालय
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय राजगढ़ पुस्तकालय लगभग 50 कर्मचारियों और
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान प्रयोगशाला
बिल्डिंग और बाला पहल
बिल्डिंग एज लर्निंग एड, जिसे BALA के नाम से जाना जाता है, स्कूल के बुनियादी
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
खेल अवसंरचना, विशेष रूप से खेल के मैदान, स्कूल के शारीरिक शिक्षा कार्यक्रम
एसओपी/एनडीएमए
भारत का राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) विभिन्न प्रकार की
खेल
खेल में कई तरह की गतिविधियाँ शामिल हैं जिन्हें नियमों के एक सेट के भीतर
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
भारत स्काउट्स और गाइड्स स्काउटिंग एक विश्वव्यापी आंदोलन है। यह एक
शिक्षा भ्रमण
शैक्षिक यात्राएँ बच्चों को एक दूसरे के साथ अलग-अलग माहौल में समय बिताने
ओलम्पियाड
ओलंपियाड एक प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा है, जो विभिन्न विद्यालयों में
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय राजगढ़ अक्सर विज्ञान विषयों में छात्रों की रुचि
एक भारत श्रेष्ठ भारत
एक भारत श्रेष्ठ भारत भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य भारत
कला एवं शिल्प
कला और शिल्प में अपने हाथों से चीज़ें बनाने से जुड़ी कई तरह की गतिविधियाँ
मजेदार दिन
केवीएस ने प्रत्येक शनिवार को प्राथमिक अनुभाग में फन डे की शुरूआत
युवा संसद
देश भर के केंद्रीय विद्यालयों के युवाओं को अपनी वाकपटुता प्रदान करने के लिए
पीएम श्री स्कूल
पीएम श्री स्कूल” भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना है। इस पहल का लक्ष्य
कौशल शिक्षा
प्रधानमंत्री श्री केन्द्रीय विद्यालय राजगढ़ ने विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए
मार्गदर्शन एवं परामर्श
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय राजगढ़ छात्रों के समग्र विकास को पोषित करने के लिए
सामाजिक सहभागिता
सामुदायिक भागीदारी में नागरिकों या नागरिक कार्रवाई समूहों की प्रत्यक्ष
विद्यांजलि
विद्यांजलि, शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की एक पहल है,
प्रकाशन
प्रकाशन जनता से संवाद करने के लिए बनाया गया कुछ है। प्रकाशन आमतौर
समाचार पत्र
केंद्रीय विद्यालयों में, स्कूल प्रशासन, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के बीच
विद्यालय पत्रिका
स्कूल पत्रिका बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने का एक साधन है। यह स्कूल
देखें क्या हो रहा है ?
छात्रों के बारे में समाचार और कहानियाँ, और स्कूल में नवाचार
15/07/2026
"15.07.2026 को आयोजित व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव से सशक्त बनाया"
और पढ़ेंउपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
पासवर्ड से सुरक्षित स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
वर्ष 2022-23
उपस्थित 63 उत्तीर्ण 59
वर्ष 2023-24
उपस्थित 63 उत्तीर्ण 61
वर्ष 2024-25
उपस्थित 50 उत्तीर्ण 49
वर्ष 2025-26
उपस्थित 49 उत्तीर्ण 49
वर्ष 2021-22
उपस्थित 118 उत्तीर्ण 118
वर्ष 2022-23
उपस्थित 120 उत्तीर्ण 98
वर्ष 2023-24
उपस्थित 59 उत्तीर्ण 59
वर्ष 2024-25
उपस्थित 57 उत्तीर्ण 57